aap sabhe ke hamar pranam ba ham ego bhojpuri gayak banal chaha tani hamra ke kuch sujhav dihi jekra se se ham aage badh saki .
Shyam Narain Verma
4:49 pm on June 9, 2011 Permalink
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भौजी के सनेहिया कहियो कम ना भईल !
जहीया से अईली दुलार बढ़ते गईल !
घरवा सुन्दर भईल पड़ते चरनीया !
सब से प्यार भरल ही बोलेली वचनिया !
आजू ले केहू कवनो उलाहना ना कईल !
आस पास के सब लोग करेला बडईया !
कबो उनुका से नाखुश ना भईले भईया !
देखा देखि आसपास घर नीमन भईल !
आजू ले भौजी केहू से ना बोलेली कुबोली !
उनका आगे फीका लागे कोयल के भी बोली !
घर में ही खुशी के भंडार भरी गईल !
ाई के सेवा करे में रहेली हमेशा आगे !
बाबूजी तारीफ़ में रहेलन जब वे जागे !
सब के सनेहिया के सागर मिल गईल !
अब फूलवा से महकल सारा अंगनवा !
चाचा कहे वाला आईल हमरो भवनवा !
वर्मा घर में सोना पर सोहागा आईल !
श्याम नारायण वर्मा
aditya garg 8:21 pm on March 12, 2011 Permalink |
aap sabhe ke hamar pranam ba ham ego bhojpuri gayak banal chaha tani hamra ke kuch sujhav dihi jekra se se ham aage badh saki .
Shyam Narain Verma 4:49 pm on June 9, 2011 Permalink |
भौजी के सनेहिया कहियो कम ना भईल !
जहीया से अईली दुलार बढ़ते गईल !
घरवा सुन्दर भईल पड़ते चरनीया !
सब से प्यार भरल ही बोलेली वचनिया !
आजू ले केहू कवनो उलाहना ना कईल !
आस पास के सब लोग करेला बडईया !
कबो उनुका से नाखुश ना भईले भईया !
देखा देखि आसपास घर नीमन भईल !
आजू ले भौजी केहू से ना बोलेली कुबोली !
उनका आगे फीका लागे कोयल के भी बोली !
घर में ही खुशी के भंडार भरी गईल !
ाई के सेवा करे में रहेली हमेशा आगे !
बाबूजी तारीफ़ में रहेलन जब वे जागे !
सब के सनेहिया के सागर मिल गईल !
अब फूलवा से महकल सारा अंगनवा !
चाचा कहे वाला आईल हमरो भवनवा !
वर्मा घर में सोना पर सोहागा आईल !
श्याम नारायण वर्मा